कहते हैं कि सफलता उन्हीं लोगों के कदम चूमती है जो मुश्किल परिस्थितियों में भी अपने सपनों का साथ नहीं छोड़ते। मध्य प्रदेश की रहने वाली देवांगी मीणा की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। लगातार तीन बार UPSC प्रीलिम्स परीक्षा में असफल होने के बाद जहां कई लोग अपने सपनों को छोड़ देते हैं, वहीं देवांगी ने धैर्य, मेहनत और आत्मविश्वास के दम पर अपनी मंजिल हासिल कर ली। UPSC 2025 में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक 236 प्राप्त कर लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का उदाहरण पेश किया है।
मध्य प्रदेश की बेटी ने रचा सफलता का इतिहास

देवांगी मीणा मध्य प्रदेश के गुना जिले की रहने वाली हैं। उनके पिता लीलाधर मीणा नेशनल फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (NFL) में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत हैं। बचपन से ही पढ़ाई में होनहार रही देवांगी ने अपनी स्कूली शिक्षा डीपीएस एनएफएल विजयपुर से पूरी की।
11वीं और 12वीं कक्षा में साइंस विषय पढ़ने के बावजूद उन्होंने इंजीनियरिंग की राह नहीं चुनी। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस से भूगोल विषय में स्नातक किया और बाद में दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान उन्होंने NET-JRF भी क्वालीफाई किया, जिससे उनके पास करियर का एक मजबूत विकल्प मौजूद था।
लगातार तीन असफलताओं ने नहीं तोड़ा हौसला
साल 2020 में देवांगी ने UPSC की तैयारी शुरू की। हालांकि शुरुआती तीन प्रयासों में वह प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। लगातार असफलता किसी भी उम्मीदवार का आत्मविश्वास कमजोर कर सकती है, लेकिन देवांगी ने हार मानने के बजाय अपनी गलतियों को समझने का फैसला किया।
तीसरी बार असफल होने के बाद उन्होंने करीब छह महीने तक पढ़ाई से दूरी बनाई। यह समय उन्होंने खुद को मानसिक रूप से मजबूत बनाने और अपनी तैयारी का मूल्यांकन करने में लगाया।
डर पर जीत हासिल करने का अनोखा तरीका
ब्रेक के बाद देवांगी ने नई रणनीति के साथ तैयारी शुरू की। उन्होंने टेस्ट सीरीज जॉइन की और नियमित रूप से मॉक टेस्ट देने लगीं। लगातार परीक्षा जैसे माहौल में रहने से उनका डर धीरे-धीरे खत्म हो गया और आत्मविश्वास बढ़ता गया।
उनकी मेहनत का परिणाम चौथे प्रयास में देखने को मिला, जब उन्होंने प्रीलिम्स परीक्षा में 108 अंक हासिल किए और कटऑफ से लगभग 20 अंक ज्यादा स्कोर किया। इसके बाद उनका चयन इंडियन सिविल अकाउंट्स सर्विस (ICAS) में हुआ।
अंतिम प्रयास में हासिल की AIR 236
ICAS की ट्रेनिंग के दौरान भी देवांगी ने अपने बड़े लक्ष्य को नहीं छोड़ा। उन्होंने एक बार फिर UPSC परीक्षा देने का फैसला किया और 2025 में शानदार प्रदर्शन करते हुए AIR 236 हासिल कर ली। उनकी सफलता यह साबित करती है कि असफलता अंत नहीं बल्कि नई शुरुआत का अवसर होती है।
Devangi Meena AIR 236: सफलता की यात्रा एक नजर में
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाम | देवांगी मीणा |
| गृह जिला | गुना, मध्य प्रदेश |
| शिक्षा | मिरांडा हाउस, दिल्ली यूनिवर्सिटी |
| पोस्ट ग्रेजुएशन | दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स |
| UPSC तैयारी शुरू | 2020 |
| लगातार असफल प्रयास | 3 |
| UPSC 2025 रैंक | AIR 236 |
| चयनित सेवा | ICAS (पहले चयन) |
सफलता से मिलने वाली सीख

- असफलता सफलता का रास्ता तैयार करती है।
- सही रणनीति मेहनत को बेहतर परिणाम में बदल सकती है।
- आत्मविश्वास और धैर्य सबसे बड़ी ताकत हैं।
- ब्रेक लेना कमजोरी नहीं बल्कि खुद को बेहतर बनाने का अवसर हो सकता है।
- लगातार अभ्यास से परीक्षा का डर खत्म किया जा सकता है।
Devangi Meena AIR 236 की सफलता कहानी उन सभी युवाओं के लिए प्रेरणा है जो किसी परीक्षा में असफल होने के बाद निराश हो जाते हैं। उनकी यात्रा यह सिखाती है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो कोई भी सपना असंभव नहीं होता। तीन बार की असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और अंततः अपनी मंजिल हासिल कर ली।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी और मीडिया रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। UPSC परीक्षा, रैंक और चयन से संबंधित आधिकारिक जानकारी के लिए संबंधित आयोग द्वारा जारी सूचना को प्राथमिकता दें।
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